रायपुर। पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने कारकेड में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। अब मुख्यमंत्री के काफिले में पहले की 13 गाड़ियों की जगह सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे।
रायपुर में आयोजित भाजपा कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री छोटे कारकेड के साथ भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ईंधन संरक्षण और संसाधनों के सीमित उपयोग की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “पश्चिम एशिया में वॉर की स्थिति है और उससे पूरा विश्व प्रभावित है। हमारा देश भारत भी उससे प्रभावित हो रहा है। हमारे प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया है कि डीजल पेट्रोल की खपत कम करें। सोना की खरीदी कम करें। विदेश यात्रा भी कम करें। उसका पालन हमने भी किया है। सुरक्षा और वाहनों की संख्या घटाने का फैसला किया। हमने अपने कारकेड में कटौती की है। अब गाड़ियों की संख्या बहुत कम हो गई है। आने वाले समय में ईवी पर विशेष जोर दिया जाएगा।”
सीएम ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल जरूरी वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मंत्रियों, विधायकों और निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी और निजी संसाधनों का संयमित उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा, जिससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने आम लोगों से भी सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी आदतों में बदलाव से बड़े सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।





