केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल गेन टैक्स (Windfall Gain Tax) में कटौती कर दी है. नई दरें आज यानी 1 अक्टूबर से लागू हो गई हैं. हालांकि, इस फैसले घरेलू बाजार में डीजल के रेट पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि टैक्स एक्सपोर्ट किए जाने वाले डीजल और एटीएफ पर घटाया गया है.
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, आज से शुरू हुए नए पखवाड़े के लिए डीजल के निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड व इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को 20 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. विमान ईंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर एसएईडी की दर को 15 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. पेट्रोल के विंडफॉल टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
कच्चे तेल की कीमतों में बढोतरी के बीच निजी और सरकारी रिफाइनरियां घरेलू बाजार के बजाय विदेशों में तेल बेचकर अप्रत्याशित मुनाफा (Super Profits) न कमाएं, इसके लिए सरकार ने 27 मार्च को पहली बार पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स लगाया था. इसका मकसद देश के भीतर ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना था. सरकार हर 15 दिन में इसकी समीक्षा करती है. वैश्विक मार्जिन में आए बदलाव के आधार पर ही इस टैक्स की दर घटाई या बढ़ाई जाती है.
यह कटौती केवल रिफाइनरियों द्वारा विदेशों में भेजे जाने वाले डीजल और एटीएफ के टैक्स में की गई है. घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लागू एक्साइज ड्यूटी और स्थानीय टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी, ग्राहकों को अभी पेट्रोल और डीजल के रेट में कोई राहत नहीं मिलेगी. अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं. जब तक क्रूड यूद्ध के पूर्व स्तर पर नहीं आ जाता, तब तक पेट्रोल-डीजल के रेट घटने के आसार कम ही हैं.




