आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने के बाद से हर किसी के मन में बस एक ही डर है कि क्या AI इंसानों की नौकरी ले लेगा? क्या बड़ी-बड़ी IT कंपनियां बंद हो जाएंगी? इस डर और सस्पेंस के बीच देश की दिग्गज IT कंपनी इंफोसिस (Infosys) के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कुछ ऐसा कहा है, जिसे नौकरीपेशा लोगों और युवाओं को जरूर सुनना चाहिए
इंफोसिस की 45वीं सालाना आम बैठक (AGM) में बोलते हुए चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने AI को लेकर फैले डर को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “AI हमारी जैसी कंपनी को रिप्लेस (खत्म) नहीं करेगा. बल्कि, यह उन लोगों और कंपनियों की ताकत को और बढ़ाएगा, जो वक्त के साथ तेजी से खुद को बदलेंगे और आगे बढ़ेंगे.” नीलेकणी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब दुनिया भर के टेक एक्सपर्ट्स यह बहस कर रहे हैं कि क्या जेनरेटिव AI के आने से कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम ठप हो जाएगा और भारत के 300 अरब डॉलर के IT उद्योग पर ताला लग जाएगा.




