छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार- मड़कड़ी समाधान शिविर में मौके पर ही दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं

राज्य शासन की मंशानुसार आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित सुशासन तिहार के तहत सारंगढ- बिलाईगढ जिला के बिलाईगढ़ जनपद क्षेत्र के अंतिम ग्राम पंचायत मड़कड़ी में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में मड़कड़ी सहित आसपास के दर्जनों गांवों से ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। ग्रामीणों ने न केवल शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारियां लीं, बल्कि अपनी मांगों और समस्याओं से जुड़े आवेदन भी प्रस्तुत किए। ​शिविर में कुल 1,627 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से सैकड़ों मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

शिविर में मुख्य रूप से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण से संबंधित आवेदन रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा शिविर में लगाए गए स्टॉलों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण पूरी गुणवत्ता के साथ और तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।

अब तक आए 22 हजार आवेदन, 19 हजार ऑनलाइन दर्ज कलेक्टर

मड़कड़ी में आयोजित यह समाधान शिविर बिलाईगढ़ जनपद क्षेत्र का अंतिम समाधान शिविर है। ज्ञात हो कि पूरे जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत अब तक लगभग 22 हजार आवेदन मिल चुके हैं, जिनमें से 19 हजार से अधिक आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर त्वरित निराकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

स्थल पर ही मिला योजनाओं का लाभ

​शिविर केवल आवेदन लेने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित किया गया। ​कृषि विभाग द्वारा 4 किसानों को कीटनाशक दवा एवं उन्नत बीज वितरित किए गए।राजस्व विभाग ने किसान किताब के लिए आए 5 आवेदनों का तत्काल निराकरण कर मौके पर ही किसान किताब सौंपी। इसी तरह ​खाद्य विभाग ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 3 महिला हितग्राहियों को नए गैस कनेक्शन दिए। ​शिविर में शिक्षा विभाग द्वारा 5 छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र और गणवेश (यूनिफॉर्म) प्रदान किए गए।

​दिव्यांग सम्मेलाल के चेहरे पर लौटी मुस्कान

​शिविर में समाज कल्याण विभाग की संवेदनशीलता भी देखने को मिली। ग्राम कैथा निवासी दिव्यांग सम्मेलाल केवट ने ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन दिया था। विभाग ने बिना वक्त गंवाए कागजी प्रक्रिया पूरी की और कलेक्टर ने सम्मेलाल को नई ट्राइसाइकिल सौंपी। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से भावुक होकर हितग्राही और उनके परिजनों ने सरकार का आभार जताया।

​विश्व पर्यावरण दिवस- एक पेड़ मां के नाम का संदेश

​आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है, इसलिए शिविर स्थल (स्कूल परिसर) में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनप्रतिनिधियों ने फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। साथ ही उपस्थित आमजन से अपील की गई कि वे न केवल पौधे लगाएं, बल्कि उनके जीवित रहने तक उनका संरक्षण भी करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts