सरगुजा। मोबाइल फोन की पुरानी बैटरी फटने से एक साल के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब बच्चा खेलते-खेलते कचरे के ढेर से मिली बैटरी के संपर्क में आया और उसे आग में डाल दिया। बैटरी में हुए तेज धमाके से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया।
परिजनों के अनुसार बच्चा अपने भाई-बहनों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह घर के पास पड़े कचरे के ढेर तक पहुंच गया, जहां उसे एक पुरानी मोबाइल बैटरी मिली। बच्चा बैटरी को उठाकर खेलने लगा और कुछ देर बाद उसे जलती आग में डाल दिया। आग के संपर्क में आते ही बैटरी तेज धमाके के साथ फट गई।
हादसे में बच्चे का चेहरा और पेट बुरी तरह झुलस गया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। पहले प्रेमनगर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके बाद उसे सूरजपुर जिला अस्पताल भेजा गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक बच्चे के पिता डीके सिंह ने बताया, “मेरा बेटे को कचरे के ढेर में एक पुरानी बैट्री मिली थी। बच्चा उस बैट्री से खेल रहा था,उसने खेल खेल में ही बेट्री को आग में डाल दिया, जिससे बैट्री फट गई”।
वहीं एक परिजन किसन ने कहा, “बच्चा खेल रहा था तभी उसने बैट्री को आग में डाल दिया जिससे बैट्री तेज धमाके के साथ फट गई। बच्चा उसकी चपेट में आकर बुरी तरह से घायल हो गया”।
इस घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-वेस्ट और पुरानी बैटरियों का सुरक्षित निपटान बेहद जरूरी है। लापरवाही से फेंकी गई बैटरियां न केवल इंसानों बल्कि जानवरों के लिए भी खतरा बन सकती हैं। तय मानकों के अनुसार ई-कचरे का निपटान ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।





