नई दिल्ली। जून महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं। 1 जून 2026 से लागू होने वाले इन बदलावों का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। UPI पेमेंट, ATM ट्रांजेक्शन, गैस सिलेंडर की कीमत, PF निकासी, पैन कार्ड नियम और रेलवे सेवाओं से जुड़े कई नए नियम लागू होंगे।
1 जून से UPI पेमेंट करते समय बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब किसी को पैसे भेजने से पहले स्क्रीन पर खाताधारक का बैंक में रजिस्टर्ड असली नाम दिखाई देगा। NPCI ने ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए यह नया सिस्टम लागू किया है। QR कोड स्कैन करने या मोबाइल नंबर डालते ही सही नाम स्क्रीन पर नजर आएगा।
इसके अलावा ATM सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं। कई बैंक कैश निकासी, बैलेंस चेक और मिनी स्टेटमेंट जैसी सुविधाओं के शुल्क में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि अभी सभी बैंकों ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी LPG, CNG और PNG की नई कीमतें जारी होंगी। संभावना जताई जा रही है कि गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO भी जून में नई सुविधा शुरू कर सकता है। माना जा रहा है कि अब कर्मचारी UPI के जरिए भी PF का पैसा निकाल सकेंगे। इस सुविधा की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसे जल्द लागू किया जा सकता है।
पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब बैंक में एक दिन में 50 हजार रुपये से ज्यादा नकद जमा करने पर पैन कार्ड देना जरूरी नहीं होगा। हालांकि 45 लाख रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी डील और कुछ अन्य लेनदेन में पैन अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश निकासी पर निगरानी जारी रहेगी। पुराने फॉर्म 60 की जगह अब नया फॉर्म 97 लागू किया जाएगा।
रेलवे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रैक अपग्रेडेशन कार्य के चलते जून में करीब 77 ट्रेनें रद्द रहेंगी। कई ट्रेनों के रूट और समय में भी बदलाव किया गया है। यात्रियों को सफर से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचने की सलाह दी गई है।
वहीं सरकार 1 जून 2026 से सोलर सेक्टर में सख्त ALMM नियम लागू करने जा रही है। अब सरकारी योजनाओं और सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में केवल प्रमाणित सूची वाले सोलर सेल और मॉ्यूल का ही उपयोग किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी और सोलर उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी। हालांकि इससे सोलर पैनलों की कीमत बढ़ सकती है।
इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो परिवहन से लेकर घरेलू खर्च तक पर असर पड़ सकता है।





