फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) ने अभिनेता के खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी करते हुए उन पर बैन लगाने का ऐलान किया है। यह कार्रवाई रणवीर सिंह के फिल्म से अचानक बाहर होने के बाद की गई है।
सोमवार 25 मई को, मुख्य सलाहकार अशोक पंडित, अध्यक्ष बीरेंद्र नाथ तिवारी और मानद महासचिव अशोक दुबे ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज के इस फैसले के बारे में मीडिया को संबोधित किया।
फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने बताया कि फिल्म निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने रणवीर सिंह के खिलाफ इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि रितेश सिधवानी व्यक्तिगत रूप से बैठक में पहुंचे थे, जबकि फरहान अख्तर वीडियो कॉल के जरिए शामिल हुए थे। उन्होंने फेडरेशन को ‘डॉन 3’ से जुड़े मौजूदा विवाद और रणवीर के शूटिंग शुरू होने से ठीक तीन हफ्ते पहले ही प्रोजेक्ट छोड़ने के बारे में जानकारी दी।
अशोक ने बताया कि उन्होंने रणवीर को तीन बार खुद आकर मिलने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में, जब उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस का अनाउंसमेंट किया गया, तो एक्टर ने उन्हें एक ईमेल भेजा, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। अशोक ने इस बात की भी पुष्टि की कि फरहान के प्रोडक्शन हाउस, एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर से हर्जाने के तौर पर 45 करोड़ रुपये की मांग की है।
इसके बाद FWICE अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने कहा कि रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी कर दिया गया है। वहीं फेडरेशन के एक सदस्य ने कहा, “अब से, चाहे वह स्पॉट बॉय हो, डायरेक्टर हो, कैमरामैन हो या लाइटमैन, कोई भी रणवीर के साथ काम नहीं करेगा।”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर सिंह को फिल्म ‘डॉन 3’ में मुख्य भूमिका निभानी थी, लेकिन शूटिंग शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले उन्होंने फिल्म छोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद फरहान अख्तर और उनके बिजनेस पार्टनर रितेश सिधवानी ने इंडस्ट्री संगठनों में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
हालांकि अब तक इस पूरे विवाद को लेकर न तो रणवीर सिंह और न ही फरहान अख्तर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।





