बलौदाबाजार। बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में दंतैल हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार रात हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के 10 से ज्यादा गांवों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम दोंद निवासी जहरु राम नेताम (करीब 55 वर्ष) रविवार रात गांव के आसपास मौजूद थे। इसी दौरान उनका सामना दंतैल हाथी से हो गया। बताया जा रहा है कि रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चार दिनों से हाथी मुरुमडीह और आसपास के इलाकों में घूम रहा था। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को पहले ही दे दी थी, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
घटना के बाद वन विभाग और हाथी मित्र दल लगातार हाथी की निगरानी कर रहे हैं। बताया गया है कि हाथी फिलहाल खलिहानों के रास्ते पहाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ गया है और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
हाथी की संभावित आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने मुड़पार, दोंद, सुरबाय, पांडादाह, गुढ़ागढ़, भिभौरी, बफरा, बार और हरदी समेत कई गांवों में अलर्ट जारी किया है। बारनवापारा के सीमावर्ती गांवों में भी मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
डीएफओ धम्मशील गणवीर ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि अलर्ट सिस्टम और मुनादी के जरिए लगातार ग्रामीणों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके पास न जाएं, उसे उकसाने की कोशिश न करें और अकेले जंगल या हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग या हाथी मित्र दल को सूचना देने को कहा गया है।
वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को तत्काल 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई है। साथ ही शासन के नियमों के अनुसार आगे की क्षतिपूर्ति राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।





