अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा— “तूफान आ रहा है”, और यह भी संकेत दिया कि इसे कोई रोक नहीं पाएगा।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि दोनों देशों के बीच फिलहाल सीजफायर लागू है, लेकिन किसी ठोस समझौते तक बात नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में ट्रंप के इस पोस्ट को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह किसी बड़े सैन्य कदम या संभावित हमले का इशारा हो सकता है। वहीं कुछ लोग इसे पॉपुलर टीवी डायलॉग की तरह आने वाले खतरे की चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ा दबाव
ट्रंप के बयान के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बना रहा है और कम समय में बड़े हमले की तैयारी भी की जा सकती है, जिसमें ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
इस बीच ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया, जिसमें नाकेबंदी हटाने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई थी। उनका साफ कहना है कि पहले परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत होगी, उसके बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।
कैसे शुरू हुआ था टकराव
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव 28 फरवरी से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया। करीब 39 दिनों तक संघर्ष जारी रहा, जिसके बाद 8 अप्रैल से अस्थायी सीजफायर लागू हुआ।
हालांकि सीजफायर को आगे बढ़ा दिया गया है, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। ईरान नाकेबंदी हटाने की मांग कर रहा है, जबकि अमेरिका परमाणु कार्यक्रम पर पहले समझौता चाहता है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनाव अब भी बरकरार है।





