रायपुर में 50 लाख रुपये के गबन मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी ड्राइवर कृष्णा साहू समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 49 लाख 50 हजार रुपये नकद, एक एमजी विंडसर कार और वारदात में इस्तेमाल वर्ना कार जब्त की गई है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 66.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले की साजिश खुद ड्राइवर कृष्णा साहू ने रची थी। उसने अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ मिलकर पहले से योजना बनाई और घटना को अंजाम दिया।
ऐसे हुई वारदात
शिकायतकर्ता अखिलेश ने खम्हारडीह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 अप्रैल 2026 को उनके जीजा उमेश अग्रवाल ने बताया कि ड्राइवर कृष्णा साहू और अकाउंटेंट भूपेंद्र देवांगन कंपनी की कार से करीब 50 लाख रुपये लेकर बैंक गए थे। बैंक बंद होने के कारण वे वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान गीतांजलि नगर स्थित भारत माता मूर्ति के पास ड्राइवर ने गुटखा लेने के बहाने अकाउंटेंट को कार से उतार दिया और मौका पाते ही कार सहित पूरी रकम लेकर फरार हो गया। घटना के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया।
सीसीटीवी से मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर और पुलिस उपायुक्त (क्राइम) स्मृतिक राजनाला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की और लगातार दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
रिश्तेदारों में बांटी रकम
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने पहले से योजना बनाकर रकम अपने रिश्तेदारों और साथियों में बांट दी थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सभी आरोपियों के खिलाफ थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 136/26 के तहत धारा 316(4), 306 और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णा साहू, कन्हैया राणा, सविता साहू, भुनेश्वर साहू, ओम प्रकाश साहू, विष्णु प्रसाद पटेल और टीकम पटेल शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे भी अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।





