नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
शुक्रवार को डोंगरगढ़ कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडेय ने अलग-अलग प्रेसवार्ता कर एक-दूसरे पर निशाना साधा। इस दौरान भाजपा ने कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन संशोधन से जुड़ा बिल पास कराने का आरोप लगाया।
हर्षिता स्वामी बघेल का भाजपा पर आरोप
कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा के दौरान हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा, “भाजपा लोगों के बीच झूठ और भ्रम फैला रहा है। सच्चाई यह है कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार नारी शक्ति अधिनियम की आड़ में परिसीमन संशोधन बिल पास करने की तैयारी में थी।”
उन्होंने आगे कहा, “सदन में गिरे प्रस्ताव में साफ लिखा था कि लोकसभा सीट में 850 और राज्यों में 815 सीटें और केन्द्र शासित प्रदेश में 35 सीट का परिसीमन करना था। इसके लिए 131 वां परिसीमन बिल लाया गया।”
हर्षिता ने आरोप लगाते हुए कहा, “मोदी जी का साफ कहना था कि 2011 की जनगणना के अनुसार बिल लागू करेंगे।” विधायक ने पीएम मोदी पर भ्रम फैलाकर महिलाओं का हक छीनने का आरोप लगाया।
भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार
वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडेय ने कांग्रेस पर जवाबी हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस को डर था कि नारी शक्ति अधिनियम का श्रेय भाजपा को मिल रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “भाजपा क्रेडिट ना ले जाए इसलिए कांग्रेस ने भ्रम फैलाया कि परिसीमन और जनगणना को क्यों जोड़ा जा रहा है, जब आपने सारी कंडिका पढ़कर 2023 में समर्थ किया तो आज क्यों विरोध कर रहे है।”
शताब्दी पांडेय ने कांग्रेस प्रवक्ता को घेरते हुए कहा, “जो महिला आज कवर्धा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महिला हितैषी बनाने कि कोशिश कर रही है, तो उसको विरोध में मत नहीं देना चाहिए था।”





