वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की लाइफलाइन माने जाने वाले स्टेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मरीन ट्रैफिक और केप्लर के ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च के पूरे महीने में इस रणनीतिक जलमार्ग से एक भी LNG जहाज नहीं गुजरा है. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद बढ़े तनाव ने खाड़ी के इस सबसे व्यस्त समुद्री रास्ते को लगभग ‘फ्रीज’ कर दिया है. इस बीच एक चौंकाने वाली खबर यह है कि ईरान ने लारक द्वीप के पास एक नया सुरक्षित गलियारा तैयार किया है जिसे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग जगत में तेहरान टोल बूथ का नाम दिया गया है. गुरुवार को फ्रांसीसी समुद्री समूह CMA CGM के स्वामित्व वाले माल्टीज़-ध्वज वाले जहाज ‘क्रिबी’ (Kribi) ने इसी ईरानी के अप्रूवड मार्ग का उपयोग करके सफलतापूर्वक खाड़ी से बाहर निकलने में कामयाबी हासिल की.
LNG सप्लाई ‘जीरो’ रहने के मुख्य कारण
· ईरानी जवाबी कार्रवाई का डर: 28 फरवरी के बाद से बढ़े तनाव के बीच ईरान ने अपनी समुद्री सीमा में सख्त पहरा लगा दिया है. LNG जहाज तैरते हुए बम के समान बेहद संवेदनशील होते हैं. टैंकर ने जोखिम उठाने के बजाय इस रास्ते से दूरी बना ली है.
· कतर का ‘वेट एंड वॉच’ मोड: दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक कतर इसी रास्ते का उपयोग करता है. सुरक्षा गारंटी न मिलने और बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी के कारण कतर ने अपनी शिपमेंट को या तो रोक दिया या लंबे वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ दिया.
होर्मुज से तेल सप्लाई पर सबकी नजर, लेकिन ईरान ने LNG पर कर दिया खेल, मार्च के मरीन डेटा देख दुनिया हैरान
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