रायपुर। रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया है।
उन्होंने कहा, “सफाई के नाम पर किसी व्यक्ति की मौत हो जाए यह छोटी घटना नहीं है। चाहे अस्पताल प्रबंधन हो या काम कराने वाली एजेंसी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
दिल्ली रवाना होते समय दिया बयान
पार्टी मीटिंग के लिए दिल्ली रवाना होने के दौरान भूपेश बघेल ने अन्य मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। असम में कांग्रेस उपाध्यक्ष नव ज्योति तालुकदार के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है और भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि, हिमंता सरमा डराने धमकाने ओर लालच देने का काम कर रहे। भूपेन बोरा ने भी कुछ समय पहले इस्तीफा दिया था, उस वक्त भी कुछ नहीं हुआ। किसी के आने-जाने से फर्क नहीं पड़ता।
नक्सल आत्मसमर्पण पर भी बोले
नक्सल आत्मसमर्पण के मुद्दे पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को सामान्य जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा में आने के बाद उन्हें वही माहौल मिलना चाहिए, जो एक आम नागरिक को मिलता है। बघेल ने कहा, आज 18 मार्च है, 31 मार्च में कुछ दिन बचे हैं, अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब वो समय नजदीक आ रहा है, जब भाजपा सरकार पूरे प्रदेश को नक्सल मुक्त घोषित करेगी।
हादसे में तीन मजदूरों की हुई थी मौत
बता दें कि मंगलवार को रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है। तीनों सिमरन सिटी के निवासी बताए गए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस के साथ झूमाझटकी भी हुई, जो देर रात तक जारी रही।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मजदूर कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के थे। फिलहाल मामले की जांच जारी है।





