रायगढ़ में साइबर ठगों ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत परेषण कंपनी से रिटायर्ड एक पर्यवेक्षक को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब 37 लाख रुपये की ठगी कर ली। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 2 लाख रुपये होल्ड करा लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित जनवरी 2022 में सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। 14 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया। महिला ने कहा कि उनके पहचान पत्र का दुरुपयोग कर जियो का सिम लिया गया है, जिससे वे गंभीर कानूनी मुसीबत में फंस सकते हैं।
इसके बाद कॉल को दिल्ली स्थित बारह खंभा रोड पुलिस स्टेशन के फर्जी अधिकारी से भी जोड़ा गया। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की धमकी दी गई। फिर वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया और मामले को सुलझाने के नाम पर रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।
ठगों ने पीड़ित से बैंक खातों, संपत्ति और वित्तीय जानकारी हासिल कर 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच अलग-अलग खातों में कुल 36,97,117 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बाद में परिजनों को जानकारी मिलने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 2 लाख रुपये रोकने में सफलता पाई है।




