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छह राज्यों में बढ़ी SIR की डेडलाइन, लेकिन बंगाल को नहीं मिली मोहलत—जानें कारण

चुनाव आयोग ने देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय सीमा बढ़ा दी है, ताकि मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाया जा सके। इस विस्तार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके और गलत या डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ हटाई जा सकें।

किन राज्यों में कितने दिन बढ़ी समय सीमा?

उत्तर प्रदेश: फॉर्म जमा करने की तारीख 15 दिन बढ़ी, ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 25 दिसंबर 2025 को जारी होगी।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान–निकोबार: SIR अवधि 7 दिन बढ़ी, मसौदा सूची 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होगी।
तमिलनाडु और पुडुचेरी: केवल 3 दिन की अतिरिक्त मोहलत, ड्राफ्ट सूची 19 दिसंबर 2025 को जारी होगी।

इन सभी राज्यों और UTs में अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में प्रकाशित की जाएगी।

समय सीमा क्यों बढ़ी?

चुनाव आयोग ने बताया कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं का क्रॉस-वैरिफिकेशन पूरी तरह सटीक हो, इसके लिए ऑफिसों को अतिरिक्त समय दिया गया है। राज्यों से BLAs ने ASD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) मतदाता सूचियों के सत्यापन का अनुरोध भी किया था।
खासकर उत्तर प्रदेश में संख्या अधिक होने के कारण आयोग ने लंबा विस्तार दिया, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे।

पश्चिम बंगाल में तारीख क्यों नहीं बढ़ी?

पश्चिम बंगाल में SIR कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया।

अंतिम फॉर्म जमा करने की तारीख: 11 दिसंबर 2025
ड्राफ्ट मतदाता सूची: 16 दिसंबर 2025

हालाँकि राज्य में SIR प्रक्रिया के दौरान तनावपूर्ण घटनाएँ और BLO की मौत जैसी खबरें आईं, फिर भी आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि केवल उन छह राज्यों में ही बदलाव किया गया है, जहाँ के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने औपचारिक रूप से समय विस्तार मांगा था।
बंगाल ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया, इसलिए शेड्यूल यथावत रखा गया है।

पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची भी फरवरी 2026 में प्रकाशित होगी।

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