मई की तपती दोपहर और रात में भी बदन झुलसा देने वाली गर्मी के बीच मौसम अब अचानक करवट लेता दिख रहा है. देश के कई हिस्सों में लोग इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं. कहीं आसमान से आग बरस रही है तो कहीं तेज आंधी और बिजली लोगों की चिंता बढ़ा रही है. मौसम विभाग (IMD) ने 17 मई को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर समेत 19 राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक (Thunderstorm) और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ राहत नहीं बल्कि खतरा भी लेकर आएगा. खेतों में खड़ी फसल, सड़क पर चल रहे लोग और खुले इलाकों में मौजूद नागरिकों को खास सतर्क रहने की जरूरत है. इस बार गर्मी और प्री-मानसून एक्टिविटी एक साथ असर दिखा रही है. यही वजह है कि कुछ राज्यों में दिन में हीटवेव और शाम होते ही धूल भरी आंधी देखने को मिल रही है.
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश और दक्षिणी राजस्थान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर उत्तर और पूर्व भारत के बड़े हिस्से में दिखाई देगा. पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे हिमालयी राज्यों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ गई है. दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में तूफानी बारिश का कारण बन सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के तीसरे सप्ताह में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है. इससे कई राज्यों में बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं. दिल्ली-NCR में जहां गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी, वहीं यूपी और बिहार में धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश हो सकती है. राजस्थान और मध्य प्रदेश में लू का प्रकोप जारी रहेगा, लेकिन कुछ हिस्सों में बादल राहत देंगे. कुल मिलाकर अगले 48 घंटे देश के मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं.
देश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम तेजी से बदला है. बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में अचानक तेज हवाओं और बारिश ने तापमान गिरा दिया. वहीं राजस्थान, गुजरात और विदर्भ में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है. कई शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें. किसानों को भी सलाह दी गई है कि खुले खेतों में काम करने से बचें और फसलों को सुरक्षित रखें.
पूर्वोत्तर भारत में स्थिति और ज्यादा गंभीर मानी जा रही है. असम, मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड में लगातार प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. भारी बारिश और तूफानी हवाओं के कारण कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी तेज हवाएं और भारी बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं.




