छत्तीसगढ़

मल्चिंग तकनीक ने बदली किसान राजेन्द्र की तकदीर

बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम पुतकेल निवासी किसान एर्रागोला राजेन्द्र ने उद्यानिकी विभाग की तकनीकी सलाह और शासकीय योजना का लाभ लेकर खेती को लाभ का जरिया बना लिया है। आधुनिक तकनीक अपनाकर उन्होंने मिर्च की खेती से लगभग 6 लाख रुपये की आय अर्जित की है।

धान के बाद खाली रहती थी जमीन
किसान राजेन्द्र पहले मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। धान की खेती के बाद उनकी शेष भूमि खाली रह जाती थी। आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और मिर्च की खेती के साथ-साथ विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
शुरुआत में मिर्च की खेती में लागत अधिक और लाभ कम होने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें खेती में मल्चिंग तकनीक अपनाने की सलाह दी।
शासकीय योजना से मिली आर्थिक सहायता

किसान को राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत 32,000 रुपए की अनुदान राशि प्रदान की गई। इस सहायता से उन्होंने मल्चिंग शीट का उपयोग कर मिर्च की खेती शुरू की।
मल्चिंग तकनीक अपनाने से खेत में खरपतवार नियंत्रण, नमी संरक्षण और फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ। इसका सकारात्मक प्रभाव उत्पादन पर भी पड़ा।

30 क्विंटल मिर्च उत्पादन से 6 लाख रुपये की आय

वर्ष 2026 में किसान एर्रागोला राजेन्द्र को लगभग 30 क्विंटल मिर्च का उत्पादन प्राप्त हुआ। इससे उन्हें करीब 6 लाख रुपये की आय हुई। बेहतर उत्पादन और आय से किसान का खेती के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ा है।
किसान राजेन्द्र बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और शासकीय सहायता से उनकी खेती अधिक लाभकारी बनी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
किसान राजेन्द्र की सफलता यह साबित करती है कि सही तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts