Blog

क्या दिल्ली में भाजपा की ‘रणनीति’ को ‘उलट’ देगी AAP और कांग्रेस

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक ने आप नेताओं के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आप चार सीट- नई दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, पश्चिम दिल्ली और पूर्वी दिल्ली – पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि कांग्रेस उत्तर पूर्वी दिल्ली, उत्तर पश्चिमी दिल्ली और चांदनी चौक सीट पर चुनाव लड़ेगी. सीट बंटवारे की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि कांग्रेस दिल्ली में तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन उसके कार्यकर्ता और नेता सभी सात निर्वाचन क्षेत्रों में ‘इंडिया’ गठबंधन की जीत के लिए प्रयास करेंगे.

दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटें 2014 से भाजपा के पास हैं. 2019 के चुनावों में, भाजपा उम्मीदवारों को प्रत्येक सीट पर कांग्रेस और आप उम्मीदवारों की संयुक्त वोट से अधिक वोट मिले थे. आप ने एक बयान में कहा, “मूल रूप से, जीतने की क्षमता के लिहाज से सभी सात सीटें आप के लिए उपयुक्त हैं. हालांकि, दिल्ली के लिए, हम कांग्रेस द्वारा दी गई पसंद पर सहमत हुए हैं. गठबंधन में, सभी सात सीटों पर ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा चुनाव लड़ा जा रहा है और हम सभी सात सीटें ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए जीतने के लिए काम करेंगे.”

हालांकि, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवारों के सामने एक बड़ी चुनौती 2019 के चुनाव में जीतने वाले भाजपा उम्मीदवारों और पराजित उम्मीदवारों के बीच वोट के भारी अंतर को पाटना होगा. वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों ने कांग्रेस और आप उम्मीदवारों को लाखों मतों के अंतर से हराया था. आप और कांग्रेस ने 2019 में भी दिल्ली में गठबंधन करने की कोशिश की थी, लेकिन ऐसा करने में असफल रहे थे.

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts