छत्तीसगढ़

ऋषि-मुनियों की अमूल्य विरासत है योग, इसे जीवन का हिस्सा बनाएं – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आगे कहा कि आज हमारे ऋषि मुनियों के पुण्य स्मरण का अवसर है, हम उनके सदा आभारी रहेंगे जिन्होंने सेहत के इस बहुमूल्य कला विकसित किया और हमें विरासत के रूप में सौंपा है। यह एक प्रमाणित विद्या है, जो सदियों से हमारे जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने नियमित रूप से योगाभ्यास पर जोर देते हुए कहा कि योग निरोगी काया के साथ स्वस्थ चित्त का आधार है। सभी वर्ग के लोगों ने इसे अपनाया है।

पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक श्री सुरेश चन्द्रवंशी व अन्य प्रशिक्षकों ने योगाभ्यास कराया। प्रार्थना के साथ योग सत्र का आरंभ हुआ। योग प्रशिक्षकों ने अभ्यास सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, वक्रासन, भुजंगासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, उत्तानपाद आसन, पवन मुक्तासन, प्राणायाम सहित अन्य विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया और इनके लाभ के बारे में जानकारी दी गई। अंत ध्यान और प्रार्थना के साथ सत्र का समापन हुआ।

इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री नितेश अग्रवाल, श्री गोपाल साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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