छत्तीसगढ़

पिंकी सोनी का ‘कच्चे मकान’ से ‘सपनों के आशियाने’ का सफर

अगर इरादे मजबूत हों और सुशासन का साथ मिले, तो बरसों पुराने सपने भी सच हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है, बालोद जिले की रहने वाली श्रीमती पिंकी सोनी के साथ, जिन्होंने अपने जीवन के 20 साल एक कच्चे मकान की जद्दोजहद में बिता दिए। आज प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत उन्हें अपना पक्का घर मिल गया है। जहां वे अपने 03 बच्चों के साथ खुशी खुशी रहती है।

पिंकी सोनी बताती हैं कि पिछले दो दशकों से वे एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकना और तेज हवाओं में टीन की चादरें उड़ जाना उनके लिए हमेशा एक चुनौती थी। अपने पति के निधन के बाद, तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और आर्थिक तंगी ने उनके लिए पक्का घर बनाना एक नामुमकिन सा सपना बना दिया था। वे खिलौने की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।

पिंकी ने बताया कि इस मुश्किल दौर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आई। उन्हें चार किस्तों में 02 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। इतना ही नहीं, गृह प्रवेश के लिए उन्हें गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई, जिससे उन्होंने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर अपने नए घर में कदम रखा। इसके साथ ही, उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिसकी राशि हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक संबल मिला है।

अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए पिंकी सोनी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरा अपना पक्का घर होगा। आज मेरा सपना साकार हो गया है। मैं सरकार को धन्यवाद देती हूँ जिन्होंने हमारी भी सुध ली।

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