देश

नेहरू के शिप-टू-माउथ से पीएम मोदी के फ्री राशन सफर तक… अनाज के लिए तरसने वाला भारत बना 80 करोड़ का अन्नदाता

एक दौर वह था जब भारत अपनी जनता का पेट भरने के लिए विदेशी जहाजों और अमेरिकी अनाज की खैरात पर निर्भर था जिसे इतिहास में शिप-टू-माउथ यानी जहाज से मुंह तक का दर्दनाक दौर कहा गया. लेकिन आज आजादी के सात दशकों से अधिक समय बाद, वही भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम चला रहा है, जिसके तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है. नेहरू काल में विदेशी मदद पर टिकी खाद्य सुरक्षा से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर जारी जनकल्याणकारी योजनाओं का यह सफर, स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े और ऐतिहासिक बदलावों में से एक है.

यह ऐतिहासिक तुलना इसलिए भी बेहद खास हो जाती है क्योंकि 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़ा मील का पत्थर छूने जा रहे हैं. वह जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़कर भारत के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए और लगातार सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने वाले हैं. ऐसे में भारत की खाद्य सुरक्षा यात्रा दो अलग-अलग कप्तानों के दौर की नीतियों, चुनौतियों और उनकी प्राथमिकताओं के बीच का एक बेहद दिलचस्प और बड़ा अंतर पेश करती है.

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts