देश

कच्चा तेल हुआ आउट ऑफ कंट्रोल! परमाणु प्लांट पर हमले के बाद 2 हफ्ते के उच्‍च स्‍तर पहुंचा रेट

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया है और ये दो सप्‍ताह के उच्‍च स्‍तर पर पहुंच गई हैं. पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका- ईरान युद्ध को पूरी तरह समाप्‍त कराने की कोशिशें ठप पड़ने से भी निवेशक घबराए हुए हैं. पिछले हफ्ते में कच्‍चे तेल की कीमत 7% से ज्‍यादा चढ़ गई थी.
परमाणु प्लांट पर हमले की खबर आते ही कच्चे तेल के दोनों बेंचमार्क रॉकेट की तरह भागने लगे. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.44 डॉलर यानी 1.32% की उछाल के साथ 110.70 डॉलर प्रति बैरल पर जा पहुंचा, जो 5 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. दूसरी ओर अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.84 डॉलर यानी 1.75% की तेजी के साथ 107.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमीराती अधिकारियों ने पुष्टि की कि बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया गया है. यूएई ने इसे आतंकी हमला करार देते हुए इसका करारा जवाब देने की बात कही है. इसी बीच, सऊदी अरब ने भी इराकी हवाई क्षेत्र से आए तीन लड़ाकू ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया. दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा करने की बात कहकर तनाव को और बढ़ा दिया.

आईजी मार्केट के विश्लेषक टोनी साइकामोर के मुताबिक, ये ड्रोन हमले वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं. यदि अमेरिका या इज़राइल की ओर से ईरान पर कोई जवाबी कार्रवाई होती है तो खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं पर हमले और तेज हो सकते हैं. होर्मुज में जहाजों पर हमलों और चीन-अमेरिका वार्ता के बेनतीजा रहने से फिलहाल शांति समझौते की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं, जिससे तेल की कीमतों में यह बेतेजी जारी रहने की आशंका है.

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts