पूर्वजों की त्याग, तपस्या और बलिदान के कारण आज सत्ता में हैं: बृजमोहन अग्रवाल*
*”पूर्वजों ने जो वृक्ष लगाए थे आज उसका फल खा रहे हैं ये न सोचे कि, सब हम कर रहे हैं”*
*बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा संदेश, “कार्यकर्ताओं की ताकत से ही जीतते हैं चुनाव, उनकी चिंता करना सबकी जिम्मेदारी”*
रायपुर।
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन में रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने ओजस्वी और प्रेरणादायी संबोधन से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार कर दिया।
अपने प्रभावशाली उद्बोधन में श्री अग्रवाल ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी जिस शिखर पर पहुंची है, वह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पीढ़ियों के त्याग, तपस्या और अथक परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “आज हम जो सांसद, विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री हैं, वह अपने दम पर नहीं हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं के कंधों पर बैठकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं।”
उन्होंने कहा कि आज देशभर में भाजपा की सरकार है और छत्तीसगढ़ में श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में सरकार जनसेवा के नए आयाम स्थापित कर रही है। रायपुर नगर निगम में 70 में से 60 पार्षदों का भाजपा के है आज पार्टी जहां पे भी वो कार्यकर्ताओं की मेहनत से है।
कार्यकर्ता ही पार्टी की आत्मा और सबसे बड़ी ताकत है। यदि कार्यकर्ता मजबूत है तो संगठन अजेय है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी के रूप में कहा कि “अगर कार्यकर्ता नहीं रहेंगे तो कोई भी चुनाव नहीं जीता जा सकता। इसलिए मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक—सभी को कार्यकर्ताओं की चिंता करनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना ही उनका कर्तव्य है।”
अपने जोशीले अंदाज में उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें घबराने या डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन के नेतृत्व में चल रही जनहितकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि जहां भाजपा नहीं है, वहां भी पार्टी का विस्तार करें और जनाधार को और अधिक मजबूत बनाए।
श्री बृजमोहन अग्रवाल ने पार्टी के संघर्षपूर्ण प्रारंभिक दौर को स्मरण करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कार्यकर्ताओं को जेल जाना पड़ता था, लाठियां खानी पड़ती थीं, लेकिन वे अपने विचारों से कभी विचलित नहीं हुए। उन्हीं के त्याग और बलिदान ने आज भाजपा को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनाया है।
उन्होंने पूज्य कुशाभाऊ ठाकरे, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई, श्री लाल कृष। आडवाणी, श्री सुंदर लाल पटवा, श्रद्धेय लखीराम अग्रवाल सहित अनेक महान नेताओं को स्मरण करते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने निस्वार्थ भाव से अपना सम्पूर्ण जीवन संगठन को समर्पित कर दिया। आज भाजपा जिस ऊंचाई पर है, वह उन्हीं के मार्गदर्शन और त्याग का परिणाम है।
उन्होंने ने जो वृक्ष लगाए थे आज हम उसका फल खा रहे हैं यह ना सोच यह सब हमारे दम पर हो रहा है।
उन्होंने भावनात्मक रूप से कहा कि “जो भी कार्यकर्ता भाजपा में आया है, वह केवल अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि ईश्वर की इच्छा से राष्ट्रसेवा के लिए यहां आया है। इसलिए हमें कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे पार्टी की छवि को ठेस पहुंचे।”
आज जो सम्मान और जिम्मेदारी हमें मिली है, वह हमारे पूर्वजों के कंधों पर खड़े होकर मिली है। इसलिए हर कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह उसी निष्ठा, समर्पण और सेवा भाव से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे।




