छत्तीसगढ़

समाधान शिविर में मिनटों में बना आयुष्मान कार्ड

गांव के चौपाल में लग रहे समाधान शिविर इस बार सिर्फ सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों का केंद्र बन गए है। जैजैपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत रायपुरा में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविर में उस वक्त एक भावुक पल देखने को मिला, जब गांव की रहने वाली श्रीमती निर्मला साहू को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड सौंपा गया। कार्ड हाथ में आते ही उनके चेहरे पर राहत और संतोष साफ दिखाई देने लगा।

अब तक बीमारी और इलाज का नाम सुनते ही आर्थिक चिंता सताने लगती थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद निर्मला साहू को भरोसा मिल गया है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब परिवार को गंभीर बीमारी की स्थिति में भी इलाज की चिंता नहीं होगी, क्योंकि योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार मिल सकेगा।

दरअसल, समाधान शिविर में पहुंचकर निर्मला साहू ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दस्तावेजों की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और कुछ ही मिनट में उनका कार्ड बनाकर सौंप दिया। सरकारी व्यवस्था की इस त्वरित कार्यप्रणाली ने वहां मौजूद अन्य ग्रामीणों का भी भरोसा बढ़ाया।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी योजनाओं का लाभ लेने के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन की योजनाएं खुद गांव तक पहुंच रही हैं। यही वजह है कि समाधान शिविरों में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इसमें गंभीर बीमारियों के उपचार को भी शामिल किया गया है। ऐसे में यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। सुशासन तिहार 2026 के तहत लगाए जा रहे समाधान शिविर अब केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे शासन और जनता के बीच भरोसे का मजबूत माध्यम बनते जा रहे हैं। गांव-गांव पहुंच रही सरकारी योजनाएं अब लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव की कहानी लिख रही हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts