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सेक्रेटरी रूबियो फिर आएंगे भारत, जी20 से पहले दोनों देशों के बीच बड़ी डील के संकेत, गोर ने क्या कहा?

अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार द्विपक्षीय रिश्ते इस समय अपने सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं. अटलांटा में आयोजित अहम बैठकों के दौरान गोर ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, व्यापार और रक्षा समेत हर क्षेत्र में दोनों देश पहले से कहीं ऊंचे स्तर पर काम कर रहे हैं. शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संवाद बना हुआ है. गोर ने कहा कि सेक्रेटरी रूबियो बीते छह महीनों में दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं. वह अगले साल फिर भारत आ सकते हैं. गोर के अनुसार, आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए रास्ते खुलने वाले हैं. व्यापार समझौते को लेकर भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है. इसके साथ ही दोनों देशों की सेनाएं लगातार संयुक्त अभ्यास कर रही हैं. शनिवार (31 अक्टूबर) को अटलांटा में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्रियों ने बैठक की. आगामी जी20 मियामी समिट से पहले पर्दे के पीछे कई बड़े नतीजों पर तेजी से काम चल रहा है.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी राजदूत ने क्या कहा?
व्यापार समझौते के सवाल पर राजदूत सर्जियो गोर ने बेहद सकारात्मक संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि यह ट्रेड एग्रीमेंट काफी समय से अपनी अंतिम रेखा के करीब बना हुआ है. इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है. यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच हुए समझौते का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उस समझौते में करीब 20 साल लग गए थे. भारत और अमेरिका को इस दिशा में बातचीत शुरू किए अभी एक साल से थोड़ा ही ज्यादा वक्त हुआ है. गोर ने कहा, ‘हमारे पास पर्याप्त समय है और मुझे पूरा भरोसा है कि हम इस ट्रेड डील को अंतिम मुकाम तक जरूर पहुंचाएंगे.’ दोनों देशों की टीमें व्यापार से जुड़ी सभी अड़चनों को दूर करने के लिए लगातार जुटी हुई हैं.

रक्षा और सामरिक साझेदारी को लेकर सर्जियो गोर ने दोनों देशों के रिश्तों को अद्वितीय बताया. उन्होंने कहा कि भारत जितने सैन्य अभ्यास अमेरिका के साथ करता है, उतने किसी अन्य देश के साथ नहीं करता. हाल ही में आयोजित ‘युद्ध अभ्यास’ में अमेरिका के करीब 500 सैनिकों ने हिस्सा लिया था. इसके अलावा वायुसेना के ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में भी दोनों देशों ने बेहतरीन तालमेल दिखाया. इस अभ्यास में पहली बार दुनिया के सबसे आधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान को शामिल किया गया था. उन्होंने एक नया संकेत देते हुए कहा कि अगले महीने एक और बेहद दिलचस्प सैन्य अभ्यास देखने को मिलेगा. इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और भी ज्यादा मजबूत होगी.

सर्जियो गोर ने क्वाड गठबंधन के महत्व को दोहराते हुए कहा कि यह मंच अमेरिका के लिए बेहद प्राथमिक है. क्वाड के चारों साझेदार देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच नियमित संवाद होना जरूरी है. इस साल मंत्रिस्तरीय स्तर पर यह तीसरी बड़ी बैठक है. पहली बैठक दिल्ली में और दूसरी मनीला में हुई थी. अब अटलांटा में तीसरी बैठक आयोजित की गई है. आगामी जी20 मियामी समिट को लेकर उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच शीर्ष स्तर पर मजबूत जुड़ाव बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है. सेक्रेटरी रूबियो के हालिया दौरों में कमर्शियल डिप्लोमेसी और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया था. जी20 से पहले दोनों देश कुछ बेहद शानदार और बड़े नतीजों को अंतिम रूप देने के लिए पर्दे के पीछे तेजी से काम कर रहे हैं.

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