अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी (ED) द्वारा जब्त किए गए ठाणे के एक फ्लैट में अवैध घुसपैठ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दबंगों ने हद पार करते हुए ईडी के सील किए गए फ्लैट का ताला तोड़ डाला और वहां लगा कानूनी नोटिस भी फाड़कर फेंक दिया. जैसे ही इस दुस्साहस की भनक केंद्रीय एजेंसी को लगी, महकमों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस बल की भारी मौजूदगी के बीच ईडी ने दोबारा फ्लैट का कब्जा अपने हाथ में लिया और नया नोटिस चस्पा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त FIR दर्ज करवा दी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अटैच की गई ठाणे (पश्चिम) स्थित एक फ्लैट की संपत्ति में कथित अवैध घुसपैठ और हस्तक्षेप के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. दरअसल ईडी की मुंबई जोनल ऑफिस-I ने 15 अक्टूबर 2026 को यह FIR दर्ज कराई थी. एजेंसी ने 23 अक्टूबर 2026 को औपचारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि की.
धमकी और वसूली के मामले से जुड़ा है फ्लैट
यह फ्लैट इकबाल कासकर और अन्य आरोपियों से जुड़े कथित वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान अटैच किया गया था. ED ने 8 अप्रैल 2022 को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत फ्लैट को अटैच किया था. बाद में 29 सितंबर 2022 को सक्षम प्राधिकरण ने इस अटैचमेंट की पुष्टि कर दी थी. इसके बाद 17 दिसंबर 2024 को ED ने PMLA की धारा 8(4) के तहत फ्लैट का कब्जा भी ले लिया था.
यह फ्लैट इकबाल कासकर और अन्य आरोपियों से जुड़े कथित वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान अटैच किया गया था. ED ने 8 अप्रैल 2022 को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत फ्लैट को अटैच किया था. बाद में 29 सितंबर 2022 को सक्षम प्राधिकरण ने इस अटैचमेंट की पुष्टि कर दी थी. इसके बाद 17 दिसंबर 2024 को ED ने PMLA की धारा 8(4) के तहत फ्लैट का कब्जा भी ले लिया था.
ED की जांच ठाणे के कासरवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी. इस मामले में इकबाल इब्राहिम कासकर, मुमताज आजाज शेख उर्फ राजू, इसरार अली जमील सैयद और अन्य के खिलाफ वसूली के आरोपों की जांच की गई थी.जांच में सामने आया था कि कथित धमकी और वसूली के बाद कुछ फ्लैट आरोपियों के नाम पर या उनके कहने पर रजिस्टर्ड कराए गए थे. इसी सिलसिले में फ्लैट नंबर 405, मुमताज आजाज शेख उर्फ राजू के नाम पर रजिस्टर्ड सेल डीड के जरिए दर्ज पाया गया था. यह सेल डीड 29 मई 2015 की है.
अटैच फ्लैट का ताला तोड़ने और नोटिस हटाने का आरोप
ED के मुताबिक, बाद में कुछ लोग कथित तौर पर इस फ्लैट में दाखिल हुए. आरोप है कि उन्होंने फ्लैट के लॉक के साथ छेड़छाड़ की और वहां लगा कब्जे से संबंधित नोटिस भी हटा दिया. इन लोगों ने संपत्ति पर अपना मालिकाना हक होने का दावा किया था. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ED ने निरीक्षण और पूछताछ की तथा संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए. इस मामले को PMLA की विशेष अदालत के समक्ष भी रखा गया था. अदालत ने जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता से फ्लैट का कब्जा बहाल कराने का निर्देश दिया था.
ED के मुताबिक, बाद में कुछ लोग कथित तौर पर इस फ्लैट में दाखिल हुए. आरोप है कि उन्होंने फ्लैट के लॉक के साथ छेड़छाड़ की और वहां लगा कब्जे से संबंधित नोटिस भी हटा दिया. इन लोगों ने संपत्ति पर अपना मालिकाना हक होने का दावा किया था. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ED ने निरीक्षण और पूछताछ की तथा संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए. इस मामले को PMLA की विशेष अदालत के समक्ष भी रखा गया था. अदालत ने जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता से फ्लैट का कब्जा बहाल कराने का निर्देश दिया था.
पुलिस की मौजूदगी में कब्जा बहाल
ईडी ने संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों और गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट का ताला बदलवाया और उसका कब्जा बहाल कराया. फ्लैट पर नया नोटिस भी लगाया गया है, जिसमें संबंधित लोगों को अपना दावा रखने के लिए ED कार्यालय या उस विशेष अदालत का रुख करने को कहा गया है, जहां मामले की सुनवाई चल रही है. ईडी के मुताबिक, संपत्ति में कथित अनधिकृत प्रवेश और हस्तक्षेप को लेकर 15 अक्टूबर 2026 को कासरवडवली पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 662/2026 दर्ज की गई है. यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 329(4) और 223 के तहत दर्ज की गई है.ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
ईडी ने संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों और गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट का ताला बदलवाया और उसका कब्जा बहाल कराया. फ्लैट पर नया नोटिस भी लगाया गया है, जिसमें संबंधित लोगों को अपना दावा रखने के लिए ED कार्यालय या उस विशेष अदालत का रुख करने को कहा गया है, जहां मामले की सुनवाई चल रही है. ईडी के मुताबिक, संपत्ति में कथित अनधिकृत प्रवेश और हस्तक्षेप को लेकर 15 अक्टूबर 2026 को कासरवडवली पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 662/2026 दर्ज की गई है. यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 329(4) और 223 के तहत दर्ज की गई है.ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.




