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अमेरिका जाएंगे पेजेश्कियन, यात्रा से पहले ईरान ने भेजी 7 शर्तें, वीजा पर बोला- US का एहसान नहीं, हमारा अधिकार

ईरान और अमेरिका के बीच जंग के बीच अब दोनों देशों के बीच कूटनीति का एक नया मोर्चा खुलता दिख रहा है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन अगले कुछ दिनों में न्यूयॉर्क पहुंच सकते हैं, जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेंगे. अमेरिका ने पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची समेत ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने की मंजूरी दे दी है. लेकिन तेहरान ने साफ कर दिया है कि यह अमेरिका की कोई मेहरबानी नहीं है. ईरान ने इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने का अपना कानूनी अधिकार बताया है.

अमेरिका ने वीजा दिया, ईरान बोला- अहसान नहीं है

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि न्यूयॉर्क जाना ईरान के प्रतिनिधियों की पहली पसंद नहीं है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ऐसा मंच है जिसे छोड़ा नहीं जा सकता. तेहरान का कहना है कि वह संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य है और महासभा में अपनी बात रखना उसका अधिकार है. इसलिए अमेरिकी वीजा को किसी तरह की रियायत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. अमेरिका की तरफ से भी साफ किया गया है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के तौर पर उसकी जिम्मेदारियों के तहत दिया जा रहा है. हालांकि प्रतिनिधिमंडल पर यात्रा और खरीदारी से जुड़ी कुछ पाबंदियां रहेंगी.

पेजेश्कियन जाएंगे तो क्या ट्रंप से मुलाकात होगी?

ईरानी राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ट्रंप से मुलाकात होगी? अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है और दोनों देशों के बीच तनाव बेहद हाई है. इसके बावजूद बीच-बीच में युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत के प्रयास भी हुए हैं. ऐसे में पेजेश्कियन का न्यूयॉर्क पहुंचना कूटनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी से सीधी मुलाकात होगी या नहीं.
इधर तेहरान ने बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद भी नहीं किए हैं. ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए ईरान ने सात शर्तें मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई हैं. रेजाई के मुताबिक, ये शर्तें कतर के जरिए अमेरिका तक भेजी गई हैं और अब ईरान अमेरिकी जवाब का इंतजार कर रहा है. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर सभी सात शर्तों की पूरी लिस्ट जारी नहीं की है. सामने आई शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना और समुद्री नाकेबंदी हटाना शामिल बताया गया है.

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