

छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान, बिलासपुर में अभियंता दिवस समारोह का आयोजन
छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान (सी. जी. आई. टी.) बिलासपुर में आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर अभियंता दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में संस्था के एलुमनाई एसोसिएशन के सदस्यगण अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्राचार्य डॉ. एस. के. सिंघई ने की।
प्राचार्य ने किया अतिथियों का स्वागत
संस्था के प्राचार्य डॉ. एस. के. सिंघई ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एलुमनाई एसोसिएशन के सदस्यों की उपस्थिति को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि पूर्व छात्रों के अनुभव एवं मार्गदर्शन से वर्तमान विद्यार्थियों को अपने करियर एवं भविष्य की दिशा निर्धारित करने में सहायता मिलती है।
प्रतिमा पर माल्यार्पण
कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था परिसर में स्थापित भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर प्राचार्य डॉ. एस. के. सिंघई एवं उपस्थित एलुमनाई एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर महान अभियंता के योगदान को स्मरण करते हुए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके आदर्शों एवं मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया।
एलुमनाई सदस्यों ने साझा किए अनुभव एवं प्रेरणादायक विचार
कार्यक्रम में एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वर्ष 1977 मैकेनिकल इंजीनियरिंग बैच के पूर्व छात्र डॉ. टी. पी. एस. अरोड़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विभिन्न कानूनी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान एवं मानव मस्तिष्क की क्षमता का महत्व सदैव बना रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन एवं ज्ञानार्जन के लिए प्रेरित किया।
वर्ष 1977 सिविल इंजीनियरिंग बैच के पूर्व छात्र इंजी. अनिल व्यास ने अभियंताओं द्वारा अर्जित जीवन-मूल्यों एवं नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
वर्ष 1981 मैकेनिकल इंजीनियरिंग बैच के पूर्व छात्र डॉ. बी. एस. चावला ने अपने जीवन एवं कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभवों तथा प्रेरणादायक संस्मरणों को साझा किया। उनके अनुभवों ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन एवं पेशेवर विकास के लिए प्रेरित किया।
वर्ष 1982 सिविल इंजीनियरिंग बैच के पूर्व छात्र इंजी. सुधीर गुप्ता ने महाविद्यालय के नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं इंजीनियरिंग छात्रों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में और अधिक प्रगति करने तथा तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में एलुमनाई एसोसिएशन के अन्य सम्मानित सदस्य इंजी. आर. पी. पटेल (सिविल, 1982), इंजी. दुलीचंद अग्रवाल (सिविल, 1982), इंजी. गोपाल सिंह ठाकुर (सिविल, 1992) एवं इंजी. कृतिका अग्रवाल (मैकेनिकल, 2015) भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अभियंताओं के योगदान, तकनीकी शिक्षा के महत्व एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया। समारोह सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम संस्था के प्राचार्य डॉ एस. के. सिंघई की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में, डॉ जी के अग्रवाल, डॉ सीमा चौहान, डॉ के के सक्सेना, डॉ अवनीश सहित समस्त विभागाध्यक्षों एवं समस्त प्राध्यापकों, अधिकारीयों एवं कर्मचारियों तथा समस्त छात्र छात्राओं की उपस्थिति आयोजित में संपन्न हुई।
दिनाँक: 15.09.2026
प्राचार्य
सी. जी. आई. टी. बिलासपुर (छ. ग. ) ।




