ओवरलोड वाहन और शोल्डर निर्माण में खामी बना सड़क धंसने का मुख्य कारण
जांच के दौरान अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण भी किया गया, जिसमें कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। जीएसबी एवं डब्ल्यूबीएम परतों के परीक्षण में ग्रेडेशन तथा कम्पैक्शन संतोषजनक रहा। वहीं बीटी कार्य के तहत पीएमसी एवं सील कोट के लिए किए गए बाइंडर कंटेंट परीक्षण में 6 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है। तकनीकी जांच के दौरान यह पाया गया कि सड़क के शोल्डर का कॉम्पैक्शन निर्धारित मापदंड (100 प्रतिशत) से कम था। आर.डी. 1400 मीटर पर यह 95 प्रतिशत और आर.डी. 2100 मी. पर केवल 94.68 प्रतिशत पाया गया, जो कि मानकों से कम है। जांच में आर.डी. 1400 मी. पर निर्मित पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग (मिट्टी भराई) का कार्य भी मापदंड के अनुसार नहीं किया गया था। इस वजह से वर्षाऋतु में बारिश का पानी शोल्डर से होते हुए सड़क के सब-बेस (निचली सतह) में घुस गया, जिससे सड़क के अंदरूनी हिस्से कमजोर हो गए।
पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा
सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क की क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के चलने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। ऐसे वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर अधिक्षण अभियंता श्री अखिलेश तिवारी, श्री बलवंत पटेल, श्री अमित गुलहरे कार्यपालन अभियंता श्री संतोष ठाकुर, सहायक अभियंता श्री सौरभ देशमुख श्री मुरारी साहू, उप अभियंता रितेश नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




