भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने रायपुर का दौरा किया और सर्किट हाउस, नवा रायपुर में आयोजित एक बैठक में आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-एनआईबीएसएम) की गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा की। इस अवसर पर, आईसीएआर-एनआईबीएसएम के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने मंत्री जी का पुष्प गुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने संस्थान के चल रहे अनुसंधान कार्यक्रमों, तकनीकी हस्तक्षेपों और कृषि उत्पादकता एवं स्थिरता बढ़ाने के उद्देश्य से किसान-केंद्रित पहलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान, डॉ. राय ने भारत सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों, विशेष रूप से एससीएसपी, टीएसपी और एनईएच कार्यक्रमों के तहत संस्थान के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विस्तार से बताया कि क्षमता निर्माण, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी प्रसार और कृषि इनपुट एवं उपकरणों के वितरण के माध्यम से किसानों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान दे रहे है। मंत्री जी को कृषि आय में सुधार और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि पद्धतियों को मजबूत करने के उद्देश्य से संस्थान की पहलों से भी अवगत कराया गया।
इसके बाद वैज्ञानिकों के साथ एक संवादात्मक सत्र हुआ, जिसमें श्री रामनाथ ठाकुर ने कृषि क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का समाधान करने और टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने मेंआईसीएआर-एनआईबीएसएम के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कृषि समुदाय को लाभ पहुंचाने वाले संस्थान के प्रभावशाली अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों की प्रशंसा की।
मंत्री श्री ठाकुर ने वैज्ञानिकों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों, जमीनी स्तर पर हस्तक्षेप और प्रभावी विस्तार के माध्यम से किसानों तक नई विकसित कृषि प्रौद्योगिकियों को पहुंचाने के प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिक नवाचार जमीनी स्तर तक पहुंचने चाहिए और किसानों के लिए ठोस लाभ में तब्दील होने चाहिए, जिससे उनकी आय और आजीविका सुरक्षा में वृद्धि हो सके।
श्री ठाकुर ने 1 जून से शुरू होने वाले आगामी “खेत बचाओ अभियान” का जिक्र करते हुए वैज्ञानिक समुदाय को किसानों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने और अभियान के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
समीक्षा बैठक में उपस्थित लोगों में संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. अनिल दीक्षित, डॉ. के. मंडल, डॉ. डेज़ी बसंद राय, डॉ. अमरेंद्र रेड्डी, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस.के. शर्मा, डॉ. एस.के. जैन, डॉ. पी. शिवलिंगम, डॉ. के.सी. शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री मलय बिष्ट, नियंत्रक श्री जाकिर खिलजी, साथ ही संस्थान के अन्य वैज्ञानिक और अधिकारी शामिल थे।




