महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर तंज कसते हुए कहा, अगर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को किसी तरह की परेशानी है, “तो कौशल्या भाभी को सीएम बना दीजिये”। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसंघ, आरएसएस, विहिप और भाजपा ने कभी भी महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में पर्याप्त अवसर नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले राजीव गांधी ने की थी, लेकिन उस समय भाजपा ने इसका विरोध किया। उनके अनुसार, अगर उस समय यह प्रस्ताव नहीं रोका गया होता तो यह कानून 1989 में ही लागू हो सकता था।
पंचायत राज व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया गया था और 1995 में इसके तहत पहला चुनाव हुआ, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं राजनीति में आईं और आज नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है।
वहीं दूसरी ओर, लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद भाजपा ने आक्रोश रैली निकाली थी। अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार इस मुद्दे पर एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है, जो इसी महीने आयोजित हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाया जा सकता है।





