पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जहाज ‘ग्रीन आशा’ ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है और अब भारत की ओर बढ़ रहा है। इस जहाज पर करीब 20,000 टन एलपीजी लदा होने का अनुमान है।
एएनआई के मुताबिक, भारतीय समय के अनुसार रविवार को दोपहर 3:30 बजे ग्रीन आशा ईरान के लारक, केशम और होर्मुज द्वीपों के बीच ईरानी जल क्षेत्र से गुजरने के बाद जलडमरूमध्य के पूर्व में प्रवेश कर चुका था।
अब तक आठवां जहाज पार
बताया जा रहा है कि, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, LPG ले जाने वाला यह आठवां भारतीय जहाज है। जिसने इस जलडमरूमध्य को पार किया है। वहीं, इस जहाज के पहले भारतीय जहाज ‘ग्रीन सांवरी’ ने शुक्रवार रात को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया था। इस जहाज पर लगभग 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी का कार्गो लदा था।
नौसेना और सरकार सतर्क
सूत्रों के अनुसार, व्यापारिक जहाजों को सहायता देने के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत पूरी तरह से तैयार है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री नाकेबंदी के बीच, केंद्र सरकार भारतीय जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दिलाने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है।
18 जहाज अब भी खाड़ी में
इससे पहले जहाजरानी मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि फारसी खाड़ी क्षेत्र में 18 भारतीय जहाज और करीब 485 नाविक मौजूद हैं। सभी की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा, “फ़ारसी की खाड़ी में मौजूद सभी नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।”
अब तक 964 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जबकि देश के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।





