मध्यप्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। मंत्रालय, वल्लभ भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने परिणाम जारी करते हुए कहा कि इस वर्ष दोनों कक्षाओं का रिजल्ट संतोषजनक रहा है और पिछले वर्षों की तुलना में गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है।
इस साल कक्षा 5वीं में 95.14 प्रतिशत और कक्षा 8वीं में 93.83 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। खास बात यह रही कि छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों ने भी शानदार परिणाम दिए।
मंत्री ने बताया, “कक्षा 5वीं में 96.19 प्रतिशत छात्राएं और 94.15 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं.” वहीं कक्षा 8वीं में भी छात्राओं ने बढ़त बनाए रखी, जहां “94.98 प्रतिशत छात्राएं और 92.74 प्रतिशत छात्र सफल रहे हैं।” इससे साफ है कि बेटियां लगातार शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
संभाग और जिला स्तर पर भी बेहतर परिणाम देखने को मिले। कक्षा 5वीं में शहडोल संभाग ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि जिलों में नरसिंहपुर सबसे आगे रहा। इसके अलावा डिंडोरी, बालाघाट, झाबुआ और अलीराजपुर भी टॉप जिलों में शामिल रहे। कक्षा 8वीं में इंदौर संभाग अव्वल रहा और यहां भी नरसिंहपुर जिला शीर्ष पर रहा।
रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों ने ऑनलाइन अपने परिणाम देखे। इस बार तकनीकी व्यवस्था मजबूत होने के कारण बिना किसी परेशानी के रिजल्ट आसानी से उपलब्ध हो सका।
मंत्री ने कहा कि जो विद्यार्थी किसी विषय में असफल हुए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। जल्द ही पूरक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें छात्र केवल उसी विषय की पुनः परीक्षा दे सकेंगे, जिसमें वे असफल रहे हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्रदान करना और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
इस वर्ष प्रदेश के 1 लाख 10 हजार 699 शासकीय, निजी विद्यालयों और मदरसों के लगभग 23 लाख 68 हजार विद्यार्थी इन परीक्षाओं में शामिल हुए। इनमें से 93 हजार से अधिक विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों के थे, जबकि 17 हजार से अधिक शहरी क्षेत्रों के थे। कक्षा 5वीं में करीब 12.76 लाख और कक्षा 8वीं में 10.92 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
राज्य शिक्षा केंद्र ने इस बार परीक्षा आयोजन को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया। 12 हजार 943 परीक्षा केंद्र बनाए गए और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 322 केंद्रों पर किया गया। शिक्षकों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से ऑनस्पॉट अंक प्रविष्ट किए गए, जिससे परिणाम तेजी और सटीकता के साथ तैयार हो सका।
छात्र अपना रिजल्ट राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक पोर्टल rskmp.in, mpbse.mponline.gov.in, mpbse.nic.in और vimarsh.mp.gov.in पर देख सकेंगे। रिजल्ट चेक करने के लिए समग्र आईडी या रोल नंबर की आवश्यकता होगी।





