रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को सभी राज्यों के परिवहन और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ इस योजना की समीक्षा बैठक की। इसमें छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअली शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत अब दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में त्वरित और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
क्या मिलेगी सुविधा?
प्रति पीड़ित, प्रति दुर्घटना अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक की सहायता
मोटर वाहन से जुड़ी सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू
पूरी तरह कैशलेस सुविधा
प्रदेश में योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए सभी 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए खाते रिजर्व बैंक में खोले जा चुके हैं। टीएमएस और पीएफएमएस के माध्यम से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दुर्घटना के बाद एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो मृत्यु की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है।
कहां होगा इलाज?
इलाज आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में किया जाएगा। पीड़ित या उसके परिजनों से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा।
24 घंटे में पोर्टल पर पंजीकरण
अस्पताल द्वारा पीड़ित की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर टीएमएस 2.0 पोर्टल पर जानकारी अपलोड की जाएगी। बैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक ट्रॉमा और पॉलीट्रॉमा पैकेज के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।





