राज्यपाल ने डिजिटल संग्रहालय के अवलोकन के दौरान एआई तकनीक से कियोस्क पर क्लिक कर अपनी जनजातीय फोटो भी निकलवाई साथ ही एआई तकनीक से प्रधानमंत्री के साथ फोटो भी खिंचवाए।
अवलोकन के दौरान के अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दोनों संग्रहालयों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मारक सह-संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर गहराई से अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स तकनीक और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया जा रहा है। दर्शक संग्रहालय में आकर जनजातीय विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेंगे।
राज्यपाल श्री डेका ने परिसर में एक पेड़ मां के नाम पर महुवा के पौधे लगाए। राज्यपाल को छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी जननायकों पर आधारित आदि विद्रोह पुस्तक की प्रति एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित पेंटिंग भेंट की गई।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, जनजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेेष नेताम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




