मशहूर कार कंपनी फॉक्सवैगन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओलिवर ब्लूम कंपनी में बड़े स्तर पर पुनर्गठन की योजना पर काम कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले जहां लगभग 50 हजार कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना थी, अब इसे बढ़ाकर करीब 1 लाख तक किया जा सकता है. फिलहाल कंपनी में लगभग 6.57 लाख कर्मचारी काम करते हैं. इस प्रस्ताव पर अगले महीने कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड में चर्चा होने की संभावना है, जहां अंतिम फैसला लिया जाएगा.
कई फैक्ट्रियां भी हो सकती हैं बंद
रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन आने वाले वर्षों में जर्मनी की चार फैक्ट्रियों को बंद करने पर विचार कर रही है. इनमें ऑडी का नेकर्सुल्म प्लांट और फॉक्सवैगन के हैनोवर, ज्विकाउ और एमडेन स्थित कारखाने शामिल बताए जा रहे हैं. कंपनी का लक्ष्य दशक के अंत तक लगभग 11 अरब यूरो की अतिरिक्त लागत बचाना है. इसके अलावा कुछ कंपोनेंट प्लांट्स और मुख्य फॉक्सवैगन ब्रांड के ढांचे में भी बदलाव किए जा सकते हैं ताकि कंपनी को अधिक लाभदायक बनाया जा सके.
क्यों उठाने पड़ रहे हैं इतने बड़े कदम?
फॉक्सवैगन पिछले कुछ समय से कई चुनौतियों का सामना कर रही है. अमेरिका की टैरिफ नीतियां, चीन के बाजार में लगातार कमजोरी और यूरोप में BYD तथा अन्य कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने कंपनी पर दबाव बढ़ा दिया है. इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती दौड़ और बदलते बाजार के कारण भी कंपनी को अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ रहे हैं. इसी वजह से प्रबंधन खर्च कम करने और उत्पादन क्षमता को बाजार की मांग के अनुसार ढालने की कोशिश कर रहा है.
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