
मुख्य पुल मार्ग के बीचों-बीच पड़ी दरारों का विधायक हर्षिता स्वामी बघेल व जिलाध्यक्ष विपिन यादव ने किया निरीक्षण, निर्माण गुणवत्ता पर उठाए गंभीर सवाल
छुरिया/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ का सबसे वीआईपी जिला माने जाने वाले राजनांदगांव में करोड़ों रुपये की लागत से हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का यह विधानसभा क्षेत्र है। जिले का प्रतिनिधित्व भाजपा सांसद करते हैं, जो बड़े-बड़े विकास के दावे करते हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित बरगा रेलवे ओवरब्रिज के मुख्य पुल मार्ग पर लोकार्पण के कुछ ही समय बाद दरारें सामने आना न केवल निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंकाओं को भी जन्म देता है।
इसी कड़ी में राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरगा में रेलवे विभाग द्वारा लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेलवे ओवरब्रिज के मुख्य पुल मार्ग के बीचों-बीच दरारें एवं धंसाव सामने आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। लोकार्पण के कुछ ही समय बाद पुल की यह स्थिति लोगों में चिंता का विषय बनी हुई है।
रेलवे ओवरब्रिज के मुख्य पुल मार्ग पर दरारें पड़ने की जानकारी मिलते ही डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विपिन यादव, जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनीस खान, पूर्व जिला महामंत्री चुम्मन साहू, पंकज बांधव सहित अन्य कांग्रेस नेता मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से निर्माण गुणवत्ता को लेकर जवाब मांगा तथा नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान कांग्रेस नेताओं ने देखा कि मुख्य पुल मार्ग की दरारों पर सीमेंट भरकर पैच रिपेयर किया जा रहा था। नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप हुआ है, तो लोकार्पण के कुछ ही समय बाद मुख्य पुल मार्ग पर दरारें क्यों आईं? उन्होंने आरोप लगाया कि दरारों पर सीमेंट भरकर वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरे मामले को और अधिक संदेहास्पद बनाता है।
विधायक हर्षिता स्वामी बघेल एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन यादव ने कहा कि पूरे मामले की स्वतंत्र उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। निर्माण एजेंसी, संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा गुणवत्ता परीक्षण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर प्रभावित हिस्से का पुनर्निर्माण कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनीस खान, चुम्मन साहू, पंकज बांधव ,दूर्गेश मिश्रा सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।




