ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों के लिए हथियार बंद हैं लेकिन इस बीच सीजफायर ही हथियार बन गया है. दोनों तरफ से लोग ‘वादा तोड़ने’ की धमकी देकर डरा रहे हैं. जिसकी वजह इजरायल की जिद बनी है. नेतन्याहू ने ऐलान कर दिया है वो लेबनान पर अटैक तब तक जारी रखेंगे जब तक जंग के सारे टारगेट हासिल नहीं कर लेते. इस बीच पाकिस्तान जैसे देश इजरायल को विलेन बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर न्यूज18 इंडिया को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में इजरायली राजदूत रूवेन अजर ने खुलकर बात की है.
राजदूत रूवेन अजर ने जो बातें कही हैं, वो इस समझौते की असलियत और भविष्य पर बड़े सवालिया निशान खड़े करती हैं. उन्होंने इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे की वो कड़ियां बताई हैं, जिन्हें अब तक छिपाया जा रहा था.
ईरानी सत्ता के अंदर क्या चल रहा है?
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा गर्म थी कि ईरान केसुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बेहोश या कोमा की हालत में हैं, जिससे ईरान के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे थे. इजरायली राजदूत रूवेन अजर का मानना है कि मोजतबा के पास असल में कितनी ताकत है, ये अभी साफ नहीं है क्योंकि ईरान की तरफ से अलग-अलग नेता अलग-अलग बातें कर रहे हैं. उन्होंने ईरानी सिस्टम में ‘दरार’ होने का दावा किया है और कहा है कि वहां संसद के स्पीकर कालिबाफ जैसे नेता बातचीत की कोशिश कर रहे हैं.
पाकिस्तान भले ही इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा हो, लेकिन इजरायली राजदूत ने साफ कह दिया है कि इजरायल पाकिस्तान पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं करता है. इजरायल ने पाकिस्तान को ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला’ करार देते हुए कहा है कि अगर वो अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाता है तो अमेरिका को दूसरा विकल्प देखना चाहिए.
लेबनान को लेकर इजरायली राजदूत ने साफ किया कि वहां कोई सीजफायर नहीं है और हिजबुल्लाह के खिलाफ उनकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.
होर्मुज पर क्या कहता है इजरायल
ट्रंप की ‘सभ्यता मिटा देने’ वाली धमकी के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने पर सहमति जताई है, जिसे इजरायल समझौते की सबसे बड़ी शर्त मान रहा है. रूवेन अजर ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने 15 शर्तों को नहीं माना या समुद्री रास्ते में बाधा डाली तो जंग दोबारा शुरू होने में देर नहीं लगेगी. उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका इस पूरे मुद्दे पर एक-दूसरे के साथ पूरी तरह तालमेल में हैं और हर कदम सोच-समझकर उठा रहे हैं.
‘भारत की भूमिका तारीफ के काबिल’
इजरायली राजदूत ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर भारत के रुख की तारीफ की है और कहा है कि भारत अपने हितों के हिसाब से सही काम कर रहा है. फिलहाल यह सीजफायर सिर्फ दो हफ्तों के लिए है, लेकिन इजरायल को डर है कि ईरान इस समय का इस्तेमाल अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कर सकता है.
अब आने वाले शुक्रवार को पाकिस्तान में होने वाली वार्ता यह तय करेगी कि यह शांति बनी रहेगी या दुनिया एक और महायुद्ध की गवाह बनेगी.




