भले ही अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौता हो गया हो, लेकिन कच्चे तेल के बाजार में अभी भी ‘आग’ लगी हुई है. बुधवार को ब्रेंट क्रूड की स्पॉट कीमत $124.68 प्रति बैरल दर्ज की गई. यह कीमत इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पांच सप्ताह तक चले भीषण युद्ध ने तेल की वैश्विक सप्लाई चेन में जो गहरे घाव दिए हैं, उन्हें केवल कागजी समझौतों से नहीं भरा जा सकता. हालांकि आज ब्रेंट क्रूड का जून वायदा अनुबंध 97.10 डॉलर बैरल है और इसमें आज दो फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है.
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में स्पॉट प्राइस और जून वायदा अनुबंध के बीच लगभग 27 डॉलर का अंतर है. जहां जून के लिए तेल $97.10 के करीब मिल रहा है, वहीं तत्काल डिलीवरी (10 से 30 दिन) के लिए खरीदारों को $124.68 चुकाने पड़ रहे हैं. यह अंतर यह बताता है कि बाजार को भविष्य में सुधार की उम्मीद तो है, लेकिन ‘अभी और इसी वक्त’ तेल की भारी किल्लत है. एनर्जी एस्पेक्ट्स की संस्थापक अमृता सेन के अनुसार, तेल की ऊंची कीमतों का सबसे बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्यमें आई रुकावट है. युद्ध के कारण इस मार्ग से टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी.
युद्ध थमा फिर भी ब्रेंट क्रूड का स्पॉट रेट अब भी क्यों है $120 के पार
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