विदेश

“आपको गंभीर होना पड़ेगा…” ट्रंप के बयान पर भड़के फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, शब्दों को बताया अशोभनीय

अमेरिका और इज़राइल मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि फ्रांस भी इस कार्रवाई में शामिल हो, लेकिन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ इनकार कर दिया। इससे नाराज ट्रंप ने एक निजी कार्यक्रम में मैक्रों पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी।

ट्रंप ने उस 2025 के एक वीडियो की ओर इशारा किया, जिसमें ब्रिगिट मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति के विमान में उनके चेहरे पर हाथ मारती नजर आई थीं। ट्रंप ने कहा, “मैंने फ्रांस में मैक्रों को फोन किया, जिनकी पत्नी उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव करती हैं और जो अभी भी अपने जबड़े पर लगी चोट से उबर रहे हैं।”

मैक्रों ने दी सख्त प्रतिक्रिया

ट्रंप के बयान पर मैक्रों ने गुरुवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ट्रंप के शब्द बिल्कुल भी अच्छे नहीं थे. वे किसी राष्ट्रपति को शोभा नहीं देते।”

उन्होंने आगे कहा, “ट्रंप बहुत ज़्यादा बोलते हैं… उनकी बातें न तो शालीन हैं और न ही किसी स्तर की।”

साथ ही मैक्रों ने उनके तौर-तरीको को भी गलत बताया और कहा, “आपको गंभीर होना होगा. जब आप गंभीर होना चाहते हैं, तो आप हर रोज़ उस बात के ठीक उलटा नहीं कहते, जो आपने एक दिन पहले कही थी और शायद आपको हर रोज़ बोलना भी नहीं चाहिए।”

फ्रांस का सैन्य रुख

हालांकि, यूरोपीय देश पिछले साल ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल हमलों के समर्थन में थे। लेकिन इस बार के अभियान की बड़ी पैमाने और साफ रणनीति न होना कई देशों को पीछे खींच रहा है। फ्रांस ने कुछ सैनिक खाड़ी क्षेत्र में भेजे हैं। उसने अपने अरब सहयोगियों की सुरक्षा के लिए विमान और एयर डिफेंस सिस्टम भी लगाए हैं। लेकिन मैक्रों ने साफ कर दिया है कि फ्रांस अपने जहाजों से हॉर्मुज स्ट्रेट को खोलने में अमेरिका की मदद नहीं करेगा।

फ्रांस ने यह प्रस्ताव रखा था कि लड़ाई चरम पर होने के बाद वह सुरक्षा जहाज देगा, लेकिन व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव का मजाक उड़ाया।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts