वॉशिंगटन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी समझौते में परमाणु हथियारों को खत्म करना जरूरी होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोला जाएगा, चाहे ईरान सहयोग करे या नहीं।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह का टोल वसूलने की अनुमति नहीं देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मिलने वाले हैं।
परमाणु कार्यक्रम पर रहेगा फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में उनका मुख्य ध्यान तेहरान की परमाणु क्षमताओं को सीमित करने पर होगा।
उन्होंने कहा, ‘कोई परमाणु हथियार नहीं। यही 99% बात है।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या जलडमरूमध्य का मुद्दा भी समझौते में शामिल होगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि हां, यह भी इसका हिस्सा होगा।
‘ईरान हार चुका है’ – ट्रंप
ट्रंप ने ईरान की हार का दावा किया और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अपने आप खुल जाएगा। उन्होंने कहा, “वे फौजी तौर पर हार चुके हैं और अब हम किसी डील के साथ या उसके बिना भी खाड़ी को खोल देंगे। लेकिन वह खुल जाएगी।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।
इसके साथ ही ईरान को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह काफी तेजी से आगे बढ़ेगा और अगर ऐसा नहीं होता है तो हम इसे किसी न किसी तरह से पूरा कर ही लेंगे।”
ट्रंप ने आगे कहा, “ईरान की नेवी खत्म हो चुकी है, एयरफोर्स खत्म हो चुकी है, हवाई हमले रोकने वाले सारे सिस्टम खत्म हो चुके हैं। नेता खत्म हो चुके हैं और पूरी जगह खत्म हो चुकी है।”
उपराष्ट्रपति वेंस की चेतावनी
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी तेहरान को सख्त संदेश दिया। इस्लामाबाद रवाना होने से पहले उन्होंने कहा—
‘अगर ईरानी सद्भावना के साथ बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से उनके साथ सहयोग का हाथ बढ़ाने को तैयार हैं। लेकिन वे हमारे साथ खेल खेलने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि हमारी बातचीत करने वाली टीम इतनी नरम नहीं है।’
फिलहाल, इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।





