सूरत के लिंबायत इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। मीठी खाड़ी के पास स्थित एक रिहायशी सोसाइटी के घर में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के पांच लोगों की जान चली गई। मृतकों में तीन महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत की वजह दम घुटना और गंभीर रूप से जलना बताया जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि जिस घर में आग लगी, वहां व्यापार के लिए करीब 10 टन साड़ियां रखी गई थीं। भारी मात्रा में कपड़ा होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। संकरी गलियों की वजह से दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में भी परेशानी हुई। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी थी।
इस हादसे में जान गंवाने वालों में शहनाज बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (65 वर्ष), शबीना रमजान अली अंसारी (28 वर्ष), परवीन अब्दुल कलाम अंसारी (19 वर्ष), हुस्सा बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (18 वर्ष) और शुबान रमजान अली अंसारी (4 वर्ष) शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही सूरत नगर निगम के मेयर दक्षेश मावानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा, “घर में भारी मात्रा में कपड़ा रखा था, जिसने बचाव कार्य को असंभव बना दिया।”
मेयर ने बताया कि अब SMC और पुलिस की टीमें रिहायशी इलाकों का सर्वे करेंगी। यदि किसी भी घर में व्यवसायिक या खतरनाक सामान पाया जाता है, तो उसे तुरंत सील कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





