रायपुर। शहर के मौदहापारा में लगने वाले पारंपरिक संडे बाजार में रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। सड़क पर दुकान लगाने वाले फेरीवालों को मुख्य मार्ग से खाली कराया गया। और दुकानदारों के 20 ठेले हटवाए गए और 10 टेबल पलंग जब्त किया गया।
प्रशासन ने बाजार के संचालन को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब बाजार केवल सुबह 10 बजे तक ही लगेगा और सभी दुकानदारों को सफेद लाइन के भीतर ही अपनी दुकान लगानी होगी।
मौदहापारा का यह संडे बाजार लंबे समय से लग रहा है। पहले यहां सीमित संख्या में फेरीवाले बैठते थे, लेकिन समय के साथ ग्राहकों की संख्या और ठेलों का विस्तार बढ़ता गया। केके मार्ग के संकरे होने के बावजूद दुकानें सड़क के बीच तक फैलने लगीं, जिससे यातायात प्रभावित होने लगा त्योहारों के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती थी। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया था।
संडे बाजार की अव्यवस्था को दूर करने के लिए पिछले वर्षों में भी कई अभियान चलाए गए। और सफेद लाइन के भीतर दुकान लगाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सख्ती कम होते ही स्थिति फिर पुरानी हो जाती थी। इस बार प्रशासन ने पहचान पत्र अनिवार्य करने और समय सीमा तय करने जैसे कदम उठाए हैं, ताकि व्यवस्था कायम रह सके।
अब बाजार की सीमा थाना से मस्जिद तक निर्धारित कर दी गई है। सभी फेरीवालों को पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा और सुबह 10 बजे के बाद बाजार जारी रखने की अनुमति नहीं होगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से मार्ग पर यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है।
“रविवार को चलाए गए अतिक्रमणरोधी अभियान से मौदहापारा बाजार मार्ग में यातायात सुगम और सुव्यवस्थित हुआ है। वेंडरों को आगे से आइकार्ड लगाना और समय सीमा का पालन करना अनिवार्य किया गया है।”
— संतोष पांडेय, आयुक्त जोन-2, नगर निगम, रायपुर





