रायपुर। विवाह सीजन के दौरान डीजे और धुमाल को लेकर होने वाली शिकायतों को देखते हुए रायपुर में पहली बार पुलिस अधिकारियों और डीजे-धुमाल संचालकों की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में धुमाल संचालकों ने प्रशासन के साथ मिलकर नियमों का पालन करने का भरोसा दिया।
बैठक में यह तय किया गया कि किसी भी कार्यक्रम में रात 10 बजे के बाद डीजे या धुमाल नहीं बजाया जाएगा। संचालकों ने कहा कि वे ध्वनि प्रदूषण से जुड़े सभी नियमों का पालन करेंगे और अपने साथ जुड़े अन्य संचालकों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे, ताकि शादी या अन्य आयोजनों के दौरान किसी तरह का विवाद न हो।
पुलिस अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि विवाह सीजन में लोगों की सुविधा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। यदि कोई संचालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कार्यक्रमों के दौरान पुलिस और डीजे संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया गया।
दरअसल होली के बाद नवरात्रि और रामनवमी के साथ 27 मार्च से विवाह सीजन शुरू होने वाला है। इस दौरान डीजे और धुमाल की मांग बढ़ जाती है। डीजे, धुमाल को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सख्त गाइड लाइन है। ऐसी स्थिति में नियमों की अनदेखी करने पर डीजे, धुमाल वालों के साथ पुलिस कार्रवाई करती है। इस स्थिति से बचाव के लिए डीजे संचालकों का रायपुर में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। डीजे संचालकों की सम्मेलन में विशेष रूप से रायपुर सेंट्रल के एडीसीपी तारकेश्वर पटेल, एसीपी सेंट्रल रमाकांत साहू के साथ एसीपी ट्रैफिक सतीश ठाकुर उपस्थित रहे।
इस दौरान अधिकारियों ने संचालकों को नियमों की जानकारी देते हुए तय डेसिबल सीमा में ही डीजे चलाने और रात 10 बजे के बाद इसे बंद करने के निर्देश दिए।
डीजे संचालकों ने भी निर्णय लिया कि जो संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ वे स्वयं जुर्माने की कार्रवाई करेंगे। इस पहल को आने वाले विवाह सीजन में व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





