प्रियंका चोपड़ा आज एक इंटरनेशनल स्टार के तौर पर जानी जाती हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार थीं। 2000 के दशक में उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया और बॉलीवुड में मजबूत पहचान बनाई। हालांकि बाद में उन्होंने हॉलीवुड का रुख किया, जिससे यह माना जाने लगा कि उन्होंने बॉलीवुड छोड़ दिया है।
क्वांटिको से हॉलीवुड में कदम रखने के बाद भी प्रियंका ने कुछ समय तक हिंदी फिल्मों में काम किया। लेकिन पिछले सात वर्षों से वह बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स से दूर रही हैं। अब वह निर्देशक एसएस राजामौली की तेलुगु फिल्म वाराणसी से डेब्यू करने रही हैं।
हाल ही में फर्स्टपोस्ट के साथ बातचीत में प्रियंका ने कहा कि, वह कभी भी बॉलीवुड नहीं छोड़ना चाहती थीं। उन्होंने कहा,
“मुझे नहीं लगता कि मैं कभी बॉलीवुड छोड़ना चाहती थी। जब मैं हिंदी फिल्मों में काम कर रही थी तो कई वजहों से मुझे लगा कि मैं लिमिटेड हूं। मैं आगे बढ़ना चाहती थी।”
उन्होंने आगे कहा,
“एक कलाकार के तौर पर मुझे एक तरह से उन मौकों की तलाश करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जो मेरे लिए रोमांचक हों। मैं अमेरिका में काम करने लगी और अब मुझे लगता है कि लगभग 12 साल बाद मुझे सच में कमाल का काम चुनने का मोमेंटम मिल रहा है और यह आसान नहीं है।”
प्रियंका ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय सिनेमा से उनका जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है। उन्होंने कहा कि,
“मुझे अपनी इंडियन फिल्में बहुत पसंद हैं। मैं फिर से इंडिया वापस आकर बहुत खुश हूं और मुझे दोनों में से किसी एक को चुनना बिल्कुल पसंद नहीं आएगा। मैंने कभी नहीं चुना। मुझे लगता है कि मैं दोनों दुनियाओं में हूं और मुझे दोनों इंडस्ट्रीज में काम करने में मजा आता है।”
उन्होंने माना कि भले ही दोनों फिल्म इंडस्ट्री का कल्चर अलग है, लेकिन वह हर माहौल में खुद को ढाल लेती हैं। उनकी आने वाली फिल्म 7 अप्रैल को रिलीज होगी, जिसमें उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे।





