हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। वैशाख माह में यह व्रत 15 अप्रैल, बुधवार को किया जाएगा। यह दिन भगवान शिव की कृपा पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। खासतौर पर इस दिन शिव चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है, जिससे दरिद्रता दूर होने और मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
शुभ मुहूर्त
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी।
मासिक शिवरात्रि की पूजा मध्य रात्रि में करने का विधान है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा—
पूजा मुहूर्त: रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 43 मिनट तक (16 अप्रैल)
पूजा का महत्व
मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने और शिव चालीसा का पाठ करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। साथ ही व्यक्ति को मानसिक शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।





