प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल 28 मार्च को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था. इस एयरपोर्ट से न केवल देश के लोगों के लिए हवाई सफर करना आसान होगा, बल्कि इसने इलाके के रियल एस्टेट को भी पंख लगा दिए हैं. इससे यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के जमीन मालिकों और निवेशकों की किस्मत रातों-रात बदल गई है. दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर स्थित यह इलाका अब देश का सबसे बड़ा रियल एस्टेट हॉटस्पॉट बन गया है. यहां पांच साल में ही जमीन की कीमत में 536 फीसदी का उछाल आया है. यहां फ्लैट का रेट इस अवधि में दोगुना हो गया है. यानी की अगर किसी ने 2020 में यहां प्लॉट या फ्लैट खरीदा था तो उसकी तो समझो लॉटरी लग गई है. यहां दो तरह के लोग प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. पहले वे जो शुद्ध मुनाफे के लिए पैसे लगा रहे हैं, और दूसरे वे जो भविष्य में एयरपोर्ट के पास खुद का आशियाना चाहते हैं.
रियलएक्स स्टैट्स के आंकड़े बताते हैं कि पांच साल पहले यहां जिस जमीन की कीमत 1,650 रुपये प्रति वर्ग फीट थी, वह आज 10,500 रुपये के पार जा चुकी है. यह उन निवेशकों के लिए किसी जैकपॉट या लॉटरी से कम नहीं है, जिन्होंने सही समय पर भविष्य को पहचान लिया था. नोएडा एयरपोर्ट का असर केवल जमीनों तक सीमित नहीं है. इस इलाके में बन रहे अपार्टमेंट्स और फ्लैट्स की कीमतों में भी खूब बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, फ्लैट्स की कीमतों में जमीनों के मुकाबले कम वृद्धि हुई है, लेकिन फिर भी यह एनसीआर के किसी भी अन्य इलाके की तुलना में काफी ज्यादा है.
सिर्फ 5 साल और 5 गुना पैसा! यहां जिसने खरीदा प्लॉट या फ्लैट, उसकी तो लॉटरी लग गई
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