रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जीतकर जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया। टीम ने 67 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की और मैदान पर ही जीत का जोरदार जश्न मनाया।
खिताब पक्का होते ही मैदान पर ढोल बजने लगे और खिलाड़ी भांगड़ा करते नजर आए। टीम के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी भी जश्न में शामिल हुए। स्टैंड्स में भी डांस और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जीत पहले ही तय हो चुकी थी क्योंकि पहली पारी में टीम को बड़ी बढ़त मिल चुकी थी।
फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए। जवाब में कर्नाटक की टीम अपनी पहली पारी में 293 रन पर सिमट गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को 291 रनों की मजबूत बढ़त मिली। इसके बाद भी जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को फॉलोआन नहीं दिया। जम्मू-कश्मीर खुद खेलने आई और दूसरी पारी में 4 विकेट पर 342 रन बनाए। फिर दोनों टीम के कप्तान मैच को ड्रॉ करने पर सहमत हो गए और जम्मू-कश्मीर को चैंपियन घोषित किया गया। यह जम्मू कश्मीर का पहला रणजी ट्रॉफी का खिताब है, जो इस टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। जम्मू कश्मीर ने इस तरह से रणजी ट्रॉफी जीतने का 67 साल का लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर के लिए फाइनल में शुभम पुंडीर ने पहली पारी में 121 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे। यावर हसन ने 88 रन, कप्तान पारस डोगरा ने 70 रन और अब्दुल समद ने 61 रन बनाए। गेंदबाजी में आकिब नबी डार ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। दूसरी पारी में चैंपियन टीम के लिए कामरान इकबाल ने 160 रन और साहिल लोत्रा ने 101 रन की बेहतरीन पारी खेलकर जीत में बड़ा योगदान दिया।
जम्मू-कश्मीर ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है और पूरे राज्य में जश्न का माहौल है।





