केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है. यह फैसला 10 मार्च 2026 को कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसमें मिशन के कुल खर्च को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. केंद्र सरकार का हिस्सा पहले के 2.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.59 लाख करोड़ रुपये हो गया है, बाकी राशि राज्य सरकारें देंगी. मिशन को अब JJM 2.0 के नाम से चलाया जाएगा, जिसमें सिर्फ पाइपलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर फोकस नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में हर घर को सुरक्षित और पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए सेवा डिलीवरी, रखरखाव और पारदर्शिता पर जोर दिया जाएगा.
यह मिशन 2019 में शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य 2024 तक देश के सभी ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाना था. अब तक करीब 81-82% ग्रामीण घरों (लगभग 15.82 करोड़ में से 19.36 करोड़ घरों) में टैप कनेक्शन हो चुके हैं. लेकिन कुछ राज्यों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने से नवंबर 2025 में नई फंडिंग रोक दी गई थी, जिससे भुगतान में देरी हुई और काम रुका. अब विस्तार और अतिरिक्त फंडिंग से काम फिर तेज होगा. सरकार ने Sujalam Bharat जैसे डिजिटल फ्रेमवर्क से पारदर्शिता बढ़ाने और राज्य सरकारों के साथ अलग MoU करने का फैसला किया है, ताकि समय पर काम हो और लंबे समय तक पानी की सप्लाई बनी रहे.
इन कंपनियों के शेयर्स में तेजी
इस फैसले से कई कंपनियों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि मिशन में पंप, पाइप, इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन का काम बढ़ेगा. पंप सप्लाई करने वाली कंपनियां जैसे Shakti Pumps, KSB और Kirloskar Brothers को ज्यादा ऑर्डर मिल सकते हैं, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में पानी उठाने के लिए सोलर और इलेक्ट्रिक पंप की जरूरत होगी. Shakti Pumps पहले से ही कई राज्यों में JJM से जुड़े ऑर्डर ले रही है और इसका ऑर्डर बुक मजबूत है. KSB मजबूत फाइनेंशियल स्थिति वाली कंपनी है, जबकि Kirloskar Brothers भी पंप सेक्टर में लीडर है. इन कंपनी के शेयर्स की बात करें तो शक्ति पंप के शयर्स एनएसई पर सुबह 11:58 बजे पर 15.28 % की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. केएसबी के शेयर्स में 0.68 % की बढ़त देखी जा रही है.
जल जीवन मिशन 2.0 से जोश हाई! सिंचाई-वाटर इंफ्रा शेयरों में 5% से ज्यादा की तेजी
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