देश

ईरान-US युद्ध: क्या भारत के हेल्थ-सेक्टर पर मंडरा रहा खतरा? हीलियम की कमी बन जाएगी मरीजों की दुश्मन, सच क्या है

ईरान और इजरायल-यूएस के बीच चल रहे भीषण महासंग्राम के असर से भारत अछूता नहीं है. एलपीजी और तेल के बाद अब भारत के हेल्थ केयर सेक्टर के लिए जरूरी हीलियम की सप्लाई पर भी इसके असर की सूचनाएं आ रही हैं. इससे भारत के हेल्थ सेक्टर में हलचल पैदा हो गई है. खासतौर पर एमआरआई मशीनों के लिए इस गैस की जरूरत पड़ती है. हालांकि क्या सच में इससे एमआरआई स्कैन पर असर पड़ रहा है और यह हेल्थ सेक्टर के लिए बड़ा खतरा है? आइए जानते हैं सच…
ईरान द्वारा कतर के रास लफान संयंत्र में किए गए अटैक के बाद वहां से हीलियम की सप्लाई ठप हो गई है, जिसने भारत के हेल्थ सेक्टर में खतरे की घंटी बजा दी है. जानना जरूरी है कि भारत अपना हीलियम का 100 फीसदी आयात कतर से करता आ रहा है और इस गैस का उपयोग मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) मशीनों के लिए बेहद जरूरी है.
दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारा में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की ओर से मुफ्त एमआरआई सेंटर के इंचार्ज भूपिंदर सिंह भुल्लर का कहना है कि ईरान युद्ध की वजह से हीलियम की सप्लाई पर कोई खास असर नहीं पड़ा है. यहां एमआरआई के लिए ज्यादातर लेटेस्ट मशीनें हैं और हीलियम फ्री हैं. जिनमें इंस्टालेशन के वक्त ही गैस की जरूरत होती है और बार-बार फिलिंग नहीं करानी पड़ती.

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts